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लाहुल स्पीति के मयाड़ घाटी के तमलु गांव में हुआ नाटक “डाकघर” का प्रदर्शन
लाहुल स्पीति, खबर आई
बहिरंग थिएटर ग्रुप कुल्लू एवं लाहुल स्पीति द्वारा उदयपुर ब्लॉक के चिमरट पंचायत के तमलु गांव में नाटक “डाकघर” का प्रदर्शन हुआ। 45 दिन की इस नाट्य कार्यशाला में तमलु गांव के बच्चो तथा महिलाओं ने भाग लिया। तमलु गांव के कलाकार सतीश कुमार, लोक गायक रवि नेहमा तथा बारदंग स्कूल के शिक्षक शेर सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की मदद से संपन्न हुए नाटक डाकघर में एक अमली नाम की एक लड़की है जिसको हीरी ने गोद लिया है जो बीमार रहती है। हीरी उसे सभी लामा के पास लेकर जाती है उसके इलाज के लिए पर उसको कुछ बीमारी होती है जिसका कोई इलाज नहीं होता। अमली को घर से बाहर निकलने से मना किया जाता है, पर अमली खिड़की के पास बैठी सभी आने जाने वालों से बात करती रहती है। पहले वो दही वाली से बात करती है फिर चौकीदार से फिर मुखिया से फिर एक सुधा नाम की लड़की से बातें करती है। उसके बाद कुछ लड़के आते है उनसे बात करती है।सभी से बात करते करते एक दिन उसकी तबियत खराब हो जाती है। अंततः एक साधु मां आती है जो अमली का दिल बहलाने की कोशिश करती है। मुखिया जो क्रोध में झूठ बोलता है कि राजा ने अमली को चिट्ठी भेजी है और लुआड और छाती मांगा है पर अंततः राजा का संदेशवाहक आ कर बताता है कि राजा ने अपना वैद्य अमली के इलाज के लिए भेजा है। वैद्य को देखते ही अमली कहती है कि वो ठीक है और उसकी तबियत ठीक हो गई है। अंततः दीपक बुझा दिए जाते है और अमली सो जाती है।
नाटक को लाहुली परिवेश में ढाला तथा निर्देशित आरती ठाकुर ने किया। नाटक में लाहुली गानों का तथा लाहुली बोली का भी प्रयोग किया गया। नाटक में गुंजन ,पारस, आरब, दिव्यांश, सूर्यांश, समीर, आकाश, आरती ठाकुर, मीना तथा मोनिका आदि कलाकारों ने अभिनय किया। नन्ही कलाकारा गुंजन के अभिनय को देख के सभी भाव विभोर हो गए और सभी दर्शकों ने कलाकारों की खूब तारीफ भी की।