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प्रशासन और सरकार लाहुल और कुल्लू जिले की सीमा को रेखांकित कर जल्द विवाद सुलझाएं – डॉ राम लाल मारकंडे
लाहुल स्पीति, खबर आई
मशहूर पर्यटन स्थल 13050 फीट ऊंची रोहतांग दर्रा लाहुल स्पीति और कल्लू की सीमा को लेकर पूर्व मंत्री मारकंडे ने कहा कि प्रशासन और सरकार लाहुल और कुल्लू जिले के अंतर्गत पड़ने वाली सीमा को रेखांकित किया जाए। इसके लिए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को विवाद सुलझाना चाहिए। उधर, पूर्व समिति सदस्य सुनील कुमार ने कहा कि अटल टनल खुलने के बाद कोकसर में पर्यटन कारोबार फल फूल रहा है लेकिन कोकसर पंचायत के दायरे में आने वाला रोहतांग दर्रा की सीमा कहां तक है यह अभी तक पता नहीं चली है।
उन्होंने कहा कि युवाओं ने जिला प्रशासन को लाहुल की सीमा निशानदेही करने के लिए प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नही उठाया है। डॉक्टर रामलाल मारकंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि राजस्व विभाग मनाली और केलंग के राजस्व विभाग आपस में मिलकर कोकसर पंचायत के अंतर्गत आने वाली सीमा को जल्द चिन्हित कर सुलझाना चाहिए ताकि निकट भविष्य में पर्यटन कारोबारियों को समस्या न आये। दोनों वदक उन्होंने कहा कि अटल टनल रोहतांग खुलने से पहले कोकसर और लाहुल के छोर युवा ही पर्यटन गतिविधि चलाने रोहतांग तक जाते थे। कोकसर की तरफ बर्फ काफी समय तक रहती है, लेकिन अधिकतर मनाली कारोबार इन क्षेत्रों में साहसिक गतिविधियां चलाते हैं इसलिए सीमा चिन्हित करना अति आवश्यक है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि उपायुक्त से जल्द मिलकर इस और मुद्दे का समाधान करने की बात रखेंगे। वहीं उन्होंने कोकसर में बिजली की समस्या को लेकर सरकार पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कोकसर से तेलिंग तक 8 किलोमीटर में बिछी भूमिगत केबल 40 साल से अधिक पुरानी हो चुकी है और इसमें 100 से अधिक जॉइंट हैं जो हर वक्त फॉल्ट रहता है। उन्होंने सरकार से केबल लाइन को बदलकर नई लाइन बिछानी की मांग की, ताकि पर्यटन सीजन में ग्रामीण विद्युत से वंचित न रह सके।
उन्होंने कहा कि इस बार पर्यटन सीजन में कोकसर में बिजली कई दिनों तक बहाल नही हुई, जोकि खेद का विषय है। नई केबल बिछने से कोकसर वासियों को अटल टनल से आने वाली लाइन से विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकती है।