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क्लस्टर सिस्टम लागू होने से शिक्षा में होगा व्यापक गुणात्मक सुधार – दयाराम ठाकुर अध्यक्ष

क्लस्टर सिस्टम लागू होने से शिक्षा में होगा व्यापक गुणात्मक सुधार – दयाराम ठाकुर अध्यक्ष
  • क्लस्टर सिस्टम लागू होने से शिक्षा में होगा व्यापक गुणात्मक सुधार – दयाराम ठाकुर अध्यक्ष

  • राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ जिला मंडी ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री का जताया आभार –

मंडी, खबर आई

राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ जिला मंडी ने प्रदेश के स्कूलों में क्लस्टर सिस्टम के पूर्ण क्रियान्वयन का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताया है। संघ का कहना है कि क्लस्टर प्रणाली लागू होने से कक्षा पहली से कक्षा बारहवीं तक विद्यार्थियों को विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध होंगे और कक्षा में कोई भी समय खाली नहीं रहेगा, जिससे पढ़ाई पूरी तरह नियमित और प्रभावी होगी।

संघ ने बताया कि जहां प्राथमिक पाठशालाएं माध्यमिक, उच्च अथवा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के साथ एक ही परिसर में संलग्न हैं, वहां क्लस्टर सिस्टम के तहत प्राथमिक कक्षाओं को विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों का सीधा लाभ मिलेगा। इन विद्यालयों में अब प्राथमिक कक्षाओं को शारीरिक शिक्षक, कला एवं शिल्प ( ड्राइंग) शिक्षक, गणित शिक्षक (नॉन-मेडिकल ),प्रशिक्षक स्नातक, कला शिक्षक तथा भाषा अध्यापक उपलब्ध होंगे। इससे प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों को विषयगत ज्ञान मिलेगा और शिक्षा में व्यापक एवं गुणात्मक सुधार सुनिश्चित होगा।

संघ का कहना है कि क्लस्टर सिस्टम के अंतर्गत शिक्षकों का संतुलित और प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। माध्यमिक विद्यालयों में सामान्यतः 3 से 5, उच्च विद्यालयों में 10 से 14 तथा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में 20 से 40 शिक्षक कार्यरत होते हैं। जिन शिक्षकों के कक्षा में समय खाली रहता है, वे प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ा सकेंगे, जिससे शिक्षण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

संघ ने मांग की है कि जहां प्राथमिक पाठशालाएं माध्यमिक, उच्च अथवा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के साथ संलग्न हैं, वहां टाइम-टेबल पूरी तरह क्लस्टर प्रभारी द्वारा तैयार कर जारी किया जाए, ताकि कक्षा पहली से कक्षा बारहवीं तक प्रत्येक दिन विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हों और किसी भी कक्षा में कोई भी समय खाली न रहे।

मिड-डे मील के प्रभार को लेकर संघ ने स्पष्ट रूप से कहा कि कक्षा पहली से आठवीं तक मिड-डे मील से संबंधित सभी कार्य—मिड डे मील रजिस्टर( कैश बुक) , राशन सामग्री, एसएमएस एवं पत्राचार—स्वतंत्र रूप से एक ही शिक्षक के हवाले किए जाएं। चाहे वह प्राथमिक शिक्षक हो, सी एंड वी शिक्षक हो या टीजीटी/प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक, प्राथमिक और अपर प्राइमरी दोनों का मिड-डे मील प्रभार एक ही शिक्षक को दिया जाए, ताकि अन्य शिक्षक पूर्ण रूप से शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

जिला कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। संघ ने यह भी आग्रह किया कि जो सुविधाएं आगामी शैक्षणिक सत्र से खुलने वाले सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में प्रदान की जाएंगी, वही सुविधाएं हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर लागू की जाएं, ताकि सभी विद्यार्थियों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

संघ के जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर, जिला कार्यकारिणी, जिला मंडी के सभी शिक्षा खंडों के पदाधिकारी तथा जिला मंडी की समस्त शिक्षा खंडों की कार्यकारिणी एवं पदाधिकारी गणों ने एक स्वर में कहा कि क्लस्टर सिस्टम से शिक्षा में व्यापक सुधार होगा, शेयरिंग सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा और प्राथमिक स्तर से ही विद्यार्थियों को विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने इस निर्णय को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक पहल बताया।

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