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सरकार का ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय – दयाराम ठाकुर

सरकार का ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय – दयाराम ठाकुर

सरकार का ऐतिहासिक एवं सराहनीय निर्णय – अध्यक्ष दयाराम ठाकुर

मंडी, खबर आई

MC शिक्षकों को LDR परीक्षा के तहत अवसर, PTA शिक्षकों के नियमितीकरण पर भी विचार आवश्यक राजकीय सी. एंड वी. अध्यापक संघ, जिला मंडी ने मुख्यमंत्री महोदय एवं शिक्षा मंत्री महोदय का आभार व्यक्त किया है कि सरकार ने एम.सी. शिक्षकों के लिए एल.डी.आर. परीक्षा के तहत 5% कोटा निर्धारित कर एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिया है।

संघ के जिला अध्यक्ष श्री दयाराम ठाकुर ने कहा कि यह कदम उन शिक्षकों के लिए सुनहरा अवसर है, जो पिछले 10–15 वर्षों से लगातार दूरदराज़ और दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा विभाग को अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। एल.डी.आर. परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ये शिक्षक विभाग में नियमित रूप से समायोजित हो जाएंगे। यह निर्णय सरकार और विभाग दोनों का ही अत्यंत सराहनीय कार्य है।

एल.डी.आर. कोटा के तहत सृजित पदों का विवरण –

सरकार ने एल.डी.आर. कोटा के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में कुल 143 पद सृजित किए हैं :जे.बी.टी. – 62 पद शास्त्री – 6 पद ड्रॉइंग मास्टर 16 पद एल.टी. – 11 पद टी.जी.टी. आर्ट्स – 24 पद टी.जी.टी. नॉन-मेडिकल 13 पद मेडिकल – 11 पद। जिला अध्यक्ष ने कहा कि यह उन एम.सी. शिक्षकों के संघर्ष और योगदान की बड़ी मान्यता है, जिन्होंने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में शिक्षा विभाग को अपनी सेवाएँ दी हैं।

पी.टी.ए. शिक्षकों का मुद्दा –

संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2006–07 में जिला मंडी के कई विद्यालयों में पी.टी.ए. के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। उस समय विद्यालयों में पद सृजित नहीं थे, किंतु छात्रों की संख्या और विषयगत आवश्यकता (विशेषकर ड्रॉइंग कैडर आदि) को देखते हुए पी.टी.ए. कमेटियों ने शिक्षकों को नियुक्त किया। ये शिक्षक बीते 15–17 वर्षों से निरंतर शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और नियमित रूप से ग्रांट-इन-एड प्राप्त कर रहे हैं। बावजूद इसके, इन्हें अब तक नियमित नहीं किया गया है। यह उन शिक्षकों के साथ अन्याय है जिन्होंने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।

जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर  ने कहा कि पी.टी.ए. ग्रांट-इन-एड शिक्षक वर्ष 2006–07 की पी.टी.ए. पॉलिसी के तहत नियुक्त हुए थे। इनमें से अधिकांश शिक्षक नियमित हो चुके हैं, किंतु कुछ अभी भी नियमित होने से वंचित हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि कुछ शिक्षक पॉलिसी लागू होने के बाद नियुक्त हुए, जबकि कुछ उसी समय नियुक्त हुए जब उन विषयों की पोस्ट विद्यालयों में क्रिएट ही नहीं हुई थी। इसके बावजूद इन्हें लगातार ग्रांट-इन-एड मिल रही है और ये लंबे समय से सेवा दे रहे हैं। इसलिए मेरा सरकार से विनम्र निवेदन है कि इनकी उत्कृष्ट सेवाओं को ध्यान में रखते हुए इन्हें भी शीघ्र नियमित किया जाए।

संघ की अपील –

संघ ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय, माननीय शिक्षा मंत्री महोदय और विभाग के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि जिस प्रकार एम.सी. शिक्षकों को एल.डी.आर. परीक्षा के माध्यम से नियमितीकरण का अवसर प्रदान किया गया है, उसी प्रकार पी.टी.ए. शिक्षकों की सेवाओं पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

ये शिक्षक भी शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी की तरह वर्षों से कार्य कर रहे हैं और छात्रों के भविष्य निर्माण में निरंतर योगदान दे रहे हैं। अतः न्याय और समानता की दृष्टि से इन्हें भी नियमित किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री महोदय, शिक्षा मंत्री महोदय एवं विभाग के समस्त उच्चाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए आशा प्रकट की है कि सरकार दूरदर्शिता का परिचय देते हुए पी.टी.ए. शिक्षकों के नियमितीकरण पर भी शीघ्र निर्णय लेगी।

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