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ललित कला विषय को लेकर सी एंड वी अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का किया धन्यवाद – दयाराम ठाकुर
मंडी, खबर आई
राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ के अध्यक्ष दयाराम ठाकुर और जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारीयों ने नया विषय ललित कला (फाइन आर्ट) कक्षा जमा एक और जमा दो में नये शिक्षा सत्र 2025-26 से शुरू होने वाले नए विषय ललित कला को लेकर मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी को कहां थैंक्स जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर का कहना है ललित कला/फाइन आर्ट् शुरू होने से कला विषय के विद्यार्थी ललित कला /फाइन आर्ट विषय की पढ़ाई करने से विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर भी प्रदान होंगे अध्यक्ष दयाराम ठाकुर का कहना है ललित कला/ फाइन आर्ट अलग-अलग विषय हैं जिस विषय में विद्यार्थियों की रुचि होगी उस विषय में बच्चे ललित कला फाइन आर्ट विषय चुन सकते हैं ललित कला बहुत ही रोचक विषय हैं विद्यार्थी खेल-खेल में ही इस विषय में पढ़ाई कर सकते हैं फाइन आर्ट्स में अलग-अलग विषय विद्यार्थी चुन सकते हैं जैसे:-चित्रकला (Painting) – कैनवास, कागज, या दीवारों पर रंगों से बनाई गई कलाकृतियाँ।मूर्तिकला (Sculpture) – पत्थर, धातु, लकड़ी आदि से बनी त्रिआयामी (3D) कलाकृतियाँ। चित्रण (Drawing) – पेंसिल, चारकोल, इंक आदि से बनाई गई रेखाचित्र।ग्राफिक आर्ट्स (Graphic Arts) – प्रिंटमेकिंग, डिज़ाइन और डिजिटल कला। फोटोग्राफी (Photography) – कैमरे के माध्यम से कलात्मक अभिव्यक्ति। परफॉर्मिंग आर्ट्स (Performing Arts) – नृत्य, नाटक, संगीत आदि।
आर्किटेक्चर (Architecture) इमारतों और संरचनाओं की कलात्मक डिजाइन अध्यक्ष दयाराम ठाकुर का कहना है कि कक्षा 1 से कक्षा 12 तक कला विषय अनिवार्य होने की संभावना है क्योंकि कला विषय रोजगार के साथ भी जुड़ा है। स्कूलों का नया स्कूली पाठ्यक्रम आधुनिक और भारतीय कला संस्कृत्ति का मिशन होगा बच्ची को कोडिंग वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कला एवं शिल्प (आर्ट एजुकेशन) कि भी शिक्षा दी जाएगी। फिलहाल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) में सभी स्कूलो में पहली से 12वीं कक्षा तक कला विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ने की शुरुआत की है। इसके लिए सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से कला शिक्षक भी नियुक्त करने का सुझाव दिया है। एनसीईआरटी के कला एवं सौंदर्यबोध विभाग ने यह सिफारिश ऐसे समय की है, जब नए स्कूली पाठ्यक्रम को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। इस सिफारिश में न सिर्फ कला को एक विषय के रूप में सभी स्कूलों में पढ़ाने की सिफारिश बल्कि इसकी मूल्यांकन को भी जरूरी बताते हुए परीक्षा परिणाम में इसके अंकों को जोड़ने की पैरवी भी की है।
कला की शिक्षा को लेकर अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर कोई गाइडलाइन नहीं थी। कला की शिक्षा को बढ़ाना देने के लिए एनसीईआरटी ने ललित /कला फाइन आर्ट् शिक्षा में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड शुरू करने की तैयारी में जुटी है। माना जा रहा है कि अगले साल से शुरू होने वाले 4 वर्ष में इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के साथ इसे भी शुरू कर देने की संभावना है। जिसमें 12वीं तक कला/ ललित कला पढ़ाई करने वाले छात्र सीधे दाखिला दे सकते हैं। अब बीएड इन आर्ट एजुकेशन भी शुरू होने की संभावना है। कला एवं शिल्प विषय के बारे में जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर से जो पूछा गया उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस समय कला एवं शिल्प विषय कक्षा 6 से कक्षा 10 तक यह विषय पढ़ागा जा रहा है। सी के एंड वी अध्यापक संघ के अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने कहा है यह हर्ष की बात है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) सिफारिश की है।
दयाराम ठाकुर ने कहा है कि जमा एक और जमा दो में ललित कला/ फाइन आर्ट इसी सत्र 2025-26 से आरंभ होने से कला एवं शिल्प विषय (ड्राइंग विषय) में कक्षा 9 और कक्षा 10 में विद्यार्थियों की इनरोलमेंट बढ़ेगी जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर का कहना है कला एवं शिल्प विषय को कक्षा 6 से कक्षा 10 तक अनिवार्य विषय बनाया जाए कला एवं शिल्प विषय /ड्राइंग विषय के साथ दूसरा विषय न जोड़ा जाए अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने और उनकी कार्यकारिणी मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी ललित कला फाइन आर्ट विषय शुरू करने के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी का मंडी दौरा होगा उसे समय हम मुख्यमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी को जिला कार्यकारिणी की तरफ से धन्यवाद कहेंगे राजकीय सी एंड बी अध्यक्ष संघ मुख्यमंत्री जी के और शिक्षा मंत्री जी के आभारी हैं जिन्होंने जमा एक और जमा दो में ललित कला/फाइन आर्ट विषय इसी सत्र से शुरू किया है