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रिवालसर में कैंसर जागरूकता शिविर संपन्न, ‘कैंसर को हराना संभव है’- प्रोजेक्ट कॉज की चेयरपर्सन सुरजीत चटर्जी ने सांझा किया अपना अनुभव
मंडी, खबर आई रिवालसर
पवित्र तीर्थ स्थल रिवालसर के त्रिवेणी परिसर में लला मेमे फाउंडेशन और प्रोजेक्ट कॉज द्वारा आयोजित कैंसर जागरूकता शिविर में प्रेरणा और संकल्प का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बल्ह की एसडीएम स्मृतिका नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण प्रोजेक्ट कॉज की चेयरपर्सन सुरजीत चटर्जी रहीं, जिन्होंने कैंसर के साथ अपनी व्यक्तिगत जंग की कहानी साझा की। उन्होंने भावुक होते हुए बताया, “मैं स्वयं इस भयानक बीमारी से पीड़ित रही हूँ, लेकिन सही समय पर इलाज और अटूट इच्छाशक्ति से मैंने इसे हराया है। आज मैं पूरी तरह स्वस्थ होकर आपके समक्ष खड़ी हूँ। कैंसर का मतलब जीवन का अंत नहीं है; यदि आप समय पर जांच और इलाज करवाएं, तो मेरी तरह इस बीमारी से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं।” उनकी इस आपबीती ने वहां मौजूद सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों में नया आत्मविश्वास जगाया।

राजीव गांधी कैंसर अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. सुमित गोयल ने कैंसर के लक्षणों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समय-समय पर चेकअप की सलाह देते हुए कहा कि वे भविष्य में भी फाउंडेशन के इस मिशन के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं देने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. चंद्र मोहन परशीरा ने बताया कि कुल्लू, शिमला और गोवा के बाद अब रिवालसर में यह शिविर लगाया गया है और फाउंडेशन का लक्ष्य पूरी हिमालयन रेंज को कवर करना है। अध्यक्ष मंगल मनेपा ने कहा कि आगामी मई माह में लाहुल के केलांग और उदयपुर में विशाल शिविर लगाए जाएंगे। पूर्व प्रशासनिक अधिकारी स्वयं राम ने भी अन्य क्षेत्रों में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में लाहुल-स्पीति, किन्नौर, पांगी और लेह के 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। रिवालसर में आयोजित इस कार्यक्रम के संयोजक प्रसिद्ध समाजसेवी हरमीत सिंह बिट्टू ने न्युंगमा गोम्पा रिवालसर, स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन समिति डी ए जी संस्था रिवालसर, नगर परिषद, स्थानीय महिला मंडलों व लला मेमे फाउंडेशन के रक्तदान शिविर के संयोजक प्रेम लाल, वरिष्ठ सदस्य रमेश मालपा, निर्मला ठाकुर, काजा से कुंती व शेर सिंह का उनके विशेष सहयोग के लिए आभार जताया।
