मुख्य समाचार

कला एवं शिल्प (ड्राइंग) विषय को कक्षा 1 से 12 तक अनिवार्य किया जाए – दयाराम ठाकुर, अध्यक्ष

कला एवं शिल्प (ड्राइंग) विषय को कक्षा 1 से 12 तक अनिवार्य किया जाए – दयाराम ठाकुर, अध्यक्ष
  • कला एवं शिल्प (ड्राइंग) विषय को कक्षा 1 से 12 तक अनिवार्य किया जाए – दयाराम ठाकुर, अध्यक्ष

मंडी, खबर आई

राजकीय सी एंड वी अध्यापक संघ, जिला मंडी ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय शिक्षा मंत्री से मांग की है कि कला एवं शिल्प (ड्राइंग) विषय को कक्षा पहली से कक्षा बारहवीं तक अनिवार्य विषय के रूप में लागू किया जाए। संघ ने स्पष्ट किया है कि ड्राइंग विषय को किसी भी प्रकार के वैकल्पिक (ऑप्शनल) विषय के साथ न जोड़ते हुए इसे स्वतंत्र विषय के रूप में शुरू किया जाए।

संघ के जिला अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने कहा कि कक्षा 6 से 10 तक कला एवं शिल्प विषय पिछले 30–40 वर्षों से पढ़ाया जा रहा है, लेकिन आज तक न तो इसके पाठ्यक्रम में कोई ठोस बदलाव हुआ है और न ही कक्षा-वार अलग-अलग पुस्तकें तैयार की गई हैं। उन्होंने मांग की कि कक्षा 6 से 10 तक ड्राइंग विषय की कक्षा-वार पाठ्य-पुस्तकें बनाई जाएं।

उन्होंने सुझाव दिया कि पाठ्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, हड़प्पा सभ्यता, क्ले मॉडलिंग, मूर्ति कला, ऑन-द-स्पॉट ड्राइंग, आर्ट गैलरी एवं थ्योरी को शामिल किया जाए। साथ ही विषय में 60 प्रतिशत थ्योरी एवं 40 प्रतिशत प्रैक्टिकल का अनुपात निर्धारित किया जाए।

जिला अध्यक्ष ने यह भी मांग उठाई कि आरटीई अधिनियम 2009 में संशोधन कर माध्यमिक विद्यालयों में कला एवं शिल्प अध्यापकों तथा शारीरिक अध्यापकों के पद यथावत रखे जाएं तथा जिन नए माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों में ये पद स्वीकृत नहीं हुए हैं, वहां इन्हें तत्काल स्वीकृत किया जाए।

दयाराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से यह भी निवेदन किया कि जब क्लस्टर सिस्टम पूरी तरह लागू हो चुका है और माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की कक्षाएं संचालित हो रही हैं, तो शारीरिक अध्यापकों के पद माध्यमिक स्कूलों में होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों की खेलकूद गतिविधियां, प्रतियोगिताएं एवं शारीरिक विकास पूरी तरह शारीरिक शिक्षकों पर निर्भर रहती हैं, इसलिए यह पद माध्यमिक विद्यालयों में अति महत्वपूर्ण और अनिवार्य माना जाना चाहिए।

संघ ने 4-9-14 टाइम स्केल बहाल करने तथा सी एंड वी शिक्षकों की पदोन्नति सूची शीघ्र जारी करने की भी मांग उठाई। जिला अध्यक्ष ने कहा कि सी एंड वी शिक्षक पिछले लगभग ढाई वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

संघ ने क्लस्टर सिस्टम लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मिड-डे-मील से संबंधित प्रभार एक ही शिक्षक को दिए जाने से शिक्षण व्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रभार स्टेशन पॉलिसी एवं अनुपात के आधार पर शिक्षकों में समान रूप से वितरित किए जाने चाहिए।

जिला मंडी की समस्त कार्यकारिणी—वित्त सचिव पूर्ण चंद्र चौधरी, सचिव पूर्ण चंद्र चौधरी, उप-प्रधान हेमराज, वरिष्ठ उप-प्रधान भूप सिंह, महिला विंग अध्यक्ष दक्ष गुलरिया सहित अन्य पदाधिकारियों ने इन मांगों का समर्थन किया। साथ ही एसएमसी एलडीआर कोटा एवं विभागीय परीक्षा से संबंधित निर्देश जारी करने पर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया।

About The Author

खबर आई एक सामाजिक सेवाओं और जनमानस के लिए काम करने वाली समाचार संस्था है। हम शिक्षा, मनोरंजन, राजनैतिक, पर्यावरण और प्रेरणा पर आधारित जानकारी के साथ-साथ नवीनतम समाचार प्रदान करते हैं।

Related posts